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आजादी Archives

भारत माता की जय

भारत माता की जय भारत की मिट्टी की शान, भारत माँ के पूत महान। रक्षक इसके तीन सिपाही, सैनिक, शिक्षक और किसान।। सबसे ऊपर केसरिया है, बल पौरुष की अमर निशानी। देश की रक्षा खातिर कैसे, अपनी जान दिये बलिदानी।। जान गँवाकर के वीरों ने, शान तिरंगे की रख ली है। माता की इज्जत की … Read more

देश हुआ आज़ाद हमारा

देश के नाम मिली स्वतन्त्रता देश को स्वर्णिम सबकी थाती देश हुआ आज़ाद हमारा बरसों की सुधि आती अट्ठारह सौ सत्तावन में चिनगारी जो निकली लावा बन ज्वालामुखी का भारत भर में पिघली वीर किए मिल अंग्रेज़ों के मंसूबों को ध्वस्त भारत का परचम लहराया हुए फिरंगी पस्त नमन सभी का है सुभाष को जब … Read more

प्यारा तिरंगा

विषय- झंडा प्यारा यही तिरंगा झंडा, भारत में लहराता | भारत भूमि की ताकत बनकर, अरि को आँख दिखाता || जगत विजय का राष्ट्र प्रणय का,अमर तिरंगा भाता| लहरे परचम गौरव गाथा,देश सभी जन गाता|| हर घर झंडा जन्म महोत्सव, जन जन सभी मनाया| जन जन उर में अहंकार है, अपना शौर्य दिखाया|| पचहत्तरवाँ वर्ष … Read more

आजादी के अमृत महोत्सव हर घर तिरंगा

आजादी के अमृत महोत्सव
हर घर तिरंगा

क्यों छिन रहे हो हमारी नींद ,
पल भर के लिए सो नहीं सकते ।
पूछ ले तू अपने दिल से जरा ,
सामने किसी के रो नहीं सकते ।।
घूम रहे हो रात के अँधियारे में ,
उजाले में तुम दिख नहीं सकते ।
काली रात में तेरे काले ये चेहरे ,
दिन उजाला सीख नहीं सकते ।।
घूम रहे हो तुम गलियों के सहारे ,
कभी भारतीय बन नहीं सकते ।
छुपकर रहोगे सदा ही किसी से ,
सीना तान कभी तन नहीं सकते।।
काट रहे वस्त्र टुकड़ियों में तुम ,,
कटे वस्त्र को तुम सी नहीं सकते ।
नृशंस हत्या करनेवाले जल्लादों ,
तू सोच खुलकर जी नहीं सकते।।
उजाले में आकर हाथ मिलाओ ,
उजाले में रहना सीख यहीं सकते।
हाथ तिरंगा लेकर हर घर तिरंगा ,
लहरा तुम भी कही हो सकते ।।
भक्ति गजल राम तेरी नैया
अरुण दिव्यांश
डुमरी अड्डा ,
छपरा सारण ,
बिहार ।

आजादी महोत्सव

Lakhan

राष्ट्रीय गजल/शायरी

आजादी है,आजादी का उत्सव मनायेंगे ।
पछहत्तरवां बर्ष का,ये महोत्सव मनायेंगे ।।
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आजादी का अमृत का,नाम दे दिया गया ।
फहरा के ध्वज, तिरंगा , राष्ट्रगान गायेंगे ।।
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घर-घर में खुशी होगी,झंडा के लहर की ।
जब नागरिक घरों में, ये झण्डा फहरायेंगे ।।
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होली-दीवाली ईद ,समझ लीजे महा पर्व ।
मिल करके सभी पर्व को,दिल से मनायेंगे ।।
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इस देश के विकास का, संकल्प लेके हम ।
विकास की मिल-जुल के, ये गंगा बहायेंगे ।।

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