कल शहद था करेला हुआ आज क्यों-सरित गुरुजी

🌸🌸🌸गजल 🌸🌸🌸

दिल किसी से लगाना, बड़ी बात है l
इश्क में डूब जाना, बड़ी बात है ll

साथ में जीनें मरनें की खाई कसम l
फिर उसे भूल जाना, बड़ी बात है ll

जो निगाहों से दिल में धड़कने लगा l
उससे नजरें चुराना, बड़ी बात है ll

मांग जिसकी सितारों से मैनें भरी l
उसको दुश्मन बनाना, बड़ी बात है ll

कल शहद था, करेला हुआ आज क्यों l
आँसुओं को छुपाना, बड़ी बात है ll

जो खुशी का खजाना है उससे “सरित” l
चोट पर चोट खाना, बड़ी बात है ll

ग्राम कवि सन्तोष पाण्डेय “सरित” गुरु जी
गढ़ रीवा (मध्यप्रदेश) 8889274422 /8224913591

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