तरुण रस्तोगी के ई संकलन ‘शब्दोपहार’ का विमोचन

करवा चौथ पर ‘नव साहित्य परिवार भारत’ का तरुण रस्तोगी के ई संकलन ‘शब्दोपहार’ का विमोचन सम्पन्न

नव साहित्य परिवार भारत के संस्थापक एवं अध्यक्ष आ.अमित कुमार बिजनौरी जी की दृढ़ इच्छाशक्ति, अदम्य उत्साह एवं अथक परिश्रम से संकलित “शब्दोपहार” ई काव्य पुस्तक श्रृंखला के तृतीय संकलन का आनलाइन विमोचन 24 अक्टूबर को अपरान्ह 3.00 बजे वरिष्ठ कवि, शिक्षक एवं साहित्यकार आदरणीय सतीश दीक्षित किंकर जी (शिवपुरी, म.प्र.) के कर कमलों से उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
मेरठ उ.प्र. निवासी यशस्वी कवि और नव साहित्य परिवार भारत के वरिष्ठ सदस्य आ. तरुण रस्तोगी कलमकार जी को साहित्यिक संस्था ‘नव साहित्य परिवार भारत’ ने उनकी रचनाओं के ई काव्य संकलन “शब्दोपहार” का विमोचन कराकर उन्हें खूबसूरत/ शानदार /यादगार तोहफा दिया है।
पुस्तक का विमोचन करते हुए आदरणीय किंकर जी ने कहा कि यह संकलन आदरणीय अमित कुमार बिजनौरी जी के अथक परिश्रम और चिंतन से तैयार कर दी गई। श्री किंकर जी ने आ.तरुण को हार्दिक बधाइयाँ देते हुए उनकी लेखनी और लेखन शैली की प्रशंसा किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि ‘शब्दोपहार’ उनकी काव्ययात्रा के गुलदस्ते में एक और पुष्प के टंकित होने जैसा है। उन्होंने विस्तार से पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए लोगों से इस संकलन को पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया देने का आग्रह भी किया।
.विमोचन कार्यक्रम की शुरूआत माँ वीणावादिनी की वंदना से करते हुए कहा कि मुझ अकिंचन किंकर को विमोचन का अवसर देकर आ. अमित बिजनौरी जी और आ. सुधीर श्रीवास्तव जी ने मुझे बहुत मान दिया, मैं आप दोनों के साथ नव साहित्य परिवार भारत सहित महासचिव डा.मोहित कुमार जी, तकनीकी सलाहकार आ.हंसराज सिंह हँस जी, सलाहकार आ. नरेश द्विवेदी शलभ जी, आ. दीपांजली दूबे जी, आ. प्रभा कुमारी जी, अरविंद कुमार जी आदि के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।
विमोचन के शुभ अवसर पर पुस्तक के सम्पादक तथा मंच के संस्थापक एवं अध्यक्ष आदरणीय अमित कुमार बिजनौरी जी, संरक्षक आ. सुधीर श्रीवास्तव जी,तकनीकी सलाहकार आ. हंसराज सिंह हंस जी, महासचिव डा.मोहित कुमार जी, सलाहकार आ.नरेश द्विवेदी “शलभ” जी, आ. महेन्द्र सिंह “राज” जी, आ. बेलीराम कंसवाल जी, आ. अरविंद कुमार जी, आ. दीपांजलि दूबे, आ. ममता श्रवण अग्रवाल, आ. अनिल राही जी, आ. ब्रह्मनाथ पाण्डेय मधुर जी ,आ. चेतना श्रीवास्तव, आ.ओम प्रकाश श्रीवास्तव, आ. अभिषेक मिश्रा, आ. देविना अमर ठकराल जी, डा. रुपल श्रीवास्तव जी ,आ. नंदिनी रस्तोगी नेहा जी,आ नागेंद्र नाथ गुप्त जी ,आ.रजक अंकित रजक, आ. बसंत श्रीवास्तव, आ.माधुरी निगम और उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि तरूण जी अपनी लेखनी से निरन्तर नये आयाम स्थापित करते रहेंगे।
श्री रस्तोगी के काव्य संकलन “शब्दोपहार” के विमोचन पर प्रसन्ना व्यक्त करते हुए अनेक साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं तथा संगठनों के पदाधिकारियों, कवियों, लेखकों, साहित्यकारों और गणमान्य लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए बधाइयाँ और शुभकामनाएँ देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
अन्त में पुस्तक के विमोचन कर्ता आ.सतीश दीक्षित किंकर जी ने “नव साहित्य परिवार भारत” के संस्थापक एवं अध्यक्ष आदरणीय अमित कुमार बिजनौरी जी की मेहनत और लगन की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए संपादक मंडल का भी साधुवाद किया।साथ ही उपस्थित सभी लोगों को करवा चौथ की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए धन्यवाद दिया ।
विमोचन समारोह के अंत में वरिष्ठ कवयित्री/संपादिका और आ.तरुण रस्तोगी की जीवन संगिनी आ.नंदिनी रस्तोगी नेहा जी द्वारा आभार, धन्यवाद के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
वरि. साहित्यकार/कवि और परिवार के संरक्षक आ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि शब्दोपहार की लोकप्रियता नव साहित्य परिवार भारत परिवार की बढ़ती स्वीकार्यता प्रकट करती है, जिसे अनवरत ऊँचाइयों की ओर ले जाने का संयुक्त प्रयास आप सभी के साथ मिलकर निरंतर बनाए रखना ही परिवार की मुख्य प्राथमिकता है।

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