दिल जिंदगी प्यार-सीताराम पावर

खुद मिट जाने के बाद
“शिकवा नहीं किसी से ना हमने किसी से फरियाद की है”

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राहत महसूस कर रहा हूं मै यारो दिल टूट जाने के बाद

अमीर समझ रहा हूं मै यारो सब कुछ लूट जाने के बाद।

मगर खुद हमको हैरत है यारो कि हम अभी तक जिंदा है।

लेकिन मौत रोज ही आती है मगर शाम होने के बाद।

दिल तोड़ने वाले तूने कभी यह तो सोच लिया होता

दिल जलता है शामे तन्हाई मे जुदाई का जाम पीने के बाद।

शिकवा नही किसी से ना हमने किसी से फरियाद की है

जिंदगी हम फिर भी जी रहे है यारों खता खाने के बाद।

तुम्हारी हसीन याद आने पर हमारा दिल भर आता है

हम भी अपने आंसू पोंछ लेते हैं जी भर रोने के बाद।

वैसे तो तनहाई की रात में सपने तुम्हारे ही आते है मुझको

मगर हसीन सपने टूट जाते है मेरे ये सहर होने के बाद।

दिल से चाहने वाले को कभी भी भुलाया नहीं जाता।

हां हम भी भूल जाएंगे तुम्हें मगर खुद ही मिट जाने के बाद।

*जिंदगी को फिर से पुकारा जाए*
“किसी से तो जीत चुके हम उसी से आज फिर हारा आ जाए”

*******
चलो आज अपनी इस टूटी हुई जिंदगी को संवारा जाए

तारों से भरे आसमान को अब जमीन पर उतारा जाए।

शायद मेरी सोई हुई जिंदगी फिर से एक बार जाग जाये

एक बार इस फ़ानी जिंदगी को फिर से पुकारा जाए।

जिंदगी के किसी मोड़ पर कभी मायूस मत होना तुम

गुजरने वाली इस जिंदगी को शिद्दत से निहारा जाए।

कभी हिम्मत तो कभी हौसलों से बाजी हार गए हम

जो बची हुई जिंदगी है उसे फिर से अब निखारा जाए।

अजीब खेल का मैदान है यारो ये फ़ानी दुनिया

किसी से तो जीत चुके हम उसी से आज फिर हारा जाए।

जिंदगी तो मुट्ठी से रेत की तरफ फिसल रही है यारो।

खुदा का अनमोल तोहफा है इसे प्यार से गुजारा जाए।

अरे आसमान से इन तारों को भी टूटते देखा है हमने

जो डूब चुके हैं गम के सागर में उन्हें अब उबारा जाए।

*जिंदगी को फिर से पुकारा जाए*
“किसी से तो जीत चुके हम उसी से आज फिर हारा जाए”

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चलो आज अपनी इस टूटी हुई जिंदगी को संवारा जाए

तारों से भरे आसमान को अब जमीन पर उतारा जाए।

शायद मेरी सोई हुई जिंदगी फिर से एक बार जाग जाये

एक बार इस फ़ानी जिंदगी को फिर से पुकारा जाए।

जिंदगी के किसी मोड़ पर कभी मायूस मत होना तुम

गुजरने वाली इस जिंदगी को शिद्दत से निहारा जाए।

कभी हिम्मत तो कभी हौसलों से बाजी हार गए हम

जो बची हुई जिंदगी है उसे फिर से अब निखारा जाए।

अजीब खेल का मैदान है यारो ये फ़ानी दुनिया

किसी से तो जीत चुके हम उसी से आज फिर हारा जाए।

जिंदगी तो मुट्ठी से रेत की तरफ फिसल रही है यारो।

खुदा का अनमोल तोहफा है इसे प्यार से गुजारा जाए।

अरे आसमान से इन तारों को भी टूटते देखा है हमने

जो डूब चुके हैं गम के सागर में उन्हें अब उबारा जाए।

*भूख है तो सब्र कर*
“सब्र करने वालों की फ़ानी दुनिया में कभी भी हार नहीं होती”

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भूख है तो सब्र कर सब्र ने सारी दुनिया की भूख मिटाई है

सब्र करने वालो की आंखों से सब्र ने यह बेसब्री की पट्टी हटाई है।

इस दुनिया में बेसब्री की भूख कभी नहीं मिटती यारो

यही बात साईबाबा ने इस फ़ानी दुनिया को समझाई है।

सब्र का फल अक्सर अपनी इस जिंदगी में सबसे मीठा होता है

इस मीठे फल की बात गीता में नारायण ने हमें सुनाई है।

सब्र करने वाले को तो शक्ति- भक्ति और मुक्ति भी मिल जाती है

रामायण सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ मे शबरी की कथा वाल्मीकि जी ने गायी है।

सब्र करने वालों की इस फ़ानी दुनिया में कभी भी हार नहीं होती

सब्र से काम लेने वालों ने इस जमाने में ही विजय पाई है।

अपनी ही इस बेसब्री से रावण- कंस और दुर्योधन भी मारे जाते है

ध्रुव, प्रह्लाद, विभीषण ने सब्र से ही भक्ति की महिमा दिखाई है।

बेसब्री रखने वालों का तो इस दुनिया में हाल बुरा हो जाता है

सब्र करने वालों के लिए ही ईश्वर ने यह पावन दुनिया बनाई है।

*भूख है तो सब्र कर*
“सब्र करने वालों की फ़ानी दुनिया में कभी भी हार नहीं होती”

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भूख है तो सब्र कर सब्र ने सारी दुनिया की भूख मिटाई है

सब्र करने वालो की आंखों से सब्र ने यह बेसब्री की पट्टी हटाई है।

इस दुनिया में बेसब्री की भूख कभी नहीं मिटती यारो

यही बात साईबाबा ने इस फ़ानी दुनिया को समझाई है।

सब्र का फल अक्सर अपनी इस जिंदगी में सबसे मीठा होता है

इस मीठे फल की बात गीता में नारायण ने हमें सुनाई है।

सब्र करने वाले को तो शक्ति- भक्ति और मुक्ति भी मिल जाती है

रामायण सर्वश्रेष्ठ ग्रंथ मे शबरी की कथा वाल्मीकि जी ने गायी है।

सब्र करने वालों की इस फ़ानी दुनिया में कभी भी हार नहीं होती

सब्र से काम लेने वालों ने इस जमाने में ही विजय पाई है।

अपनी ही इस बेसब्री से रावण- कंस और दुर्योधन भी मारे जाते है

ध्रुव, प्रह्लाद, विभीषण ने सब्र से ही भक्ति की महिमा दिखाई है।

बेसब्री रखने वालों का तो इस दुनिया में हाल बुरा हो जाता है

सब्र करने वालों के लिए ही ईश्वर ने यह पावन दुनिया बनाई है।

*भरोसा तुम भी कर लो*
“हमने मोहब्बत की है तो इसे जिंदगी भर निभाएंगे”

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जो जिंदगी में सब देते है मगर वह हम तो नहीं देंगे

प्यार किया है तो प्यार करेंगे मगर प्यार कम नहीं देंगे।

यकीन ना आए तो जिंदगी में आकर देख लेना तुम

मेरा भी वादा है सिर्फ खुशिया देंगे तुमको हम गम नहीं देंगे।

कसमे वादे तो अक्सर इस जिंदगी में टूट ही जाते है

चाहो तो वादा तोड़ देना तुम तुम्हें हम भी कसम नहीं देंगे।

फरेबी इंसान को ये जमाने मे सब फरेबी नजर आते है।

हम सब कुछ देंगे तुम्हे मगर फरेब का ये सितम नहीं देंगे।

हमने मोहब्बत की है तो इसे जिंदगी भर निभाएंगे

भरोसा तुम भी कर लो प्यार तो देंगे मगर प्यार का भरम नहीं देंगे।

रब से दुआ है कि जिंदगी में तुम्हारा साथ मिल जाए

दुख की तो बात क्या गम का एक कतरा भी सनम नहीं देंगे

इस मोहब्बत में अगर ये जख्म मिले ही है तो हम मरहम लगाएंगे

हम मोहब्बत करने वाले लोग है दिल को कभी जखम नहीं देंगे।

*फूलों की छतरियां*
“फूलों की छतरियां अभी तो इस गुलशन में ही मुरझा जाती है”

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फूलों की छतरियां कभी उन शहंशाहो के ताजो पर खिलती थी

फूलों की छतरियां कभी बाहुबली वीरों के मस्तक चूमती थी।

शहंशाहो की काली करतूतों से अब सारा गुलशन वीरान हुआ

फूलों की छतरियां उनके तहखानों में ही तो मरती थी।

शहंशाहो की काली करतूतों ने इतिहास को काला कर डाला

फूलों की मलिका अनारकली सलीम के लिए ही तो आहे भरती थी।

अनारकली की पाक मोहब्बत को जिंदा दीवार मे चुनवा डाला।

फूलों की छतरियां तब से हवस की मारी आंखों से डरती थी।

दुनिया बदली ये युग बदला मगर मानव की फितरत कभी नहीं बदली।

आज भी निर्भया घर से नही निकलती है कल भी नहीं निकलती थी।

फूलों की छतरिया अभी तो इस गुलशन में ही मुरझा जाती है

आज भी आंखें नम है उनकी कल भी आंखें आंसु बरसाती थी।

फूलों की छतरियों को खिलने दो इनको अपनी खुशबू लुटाने दो

आज आजादी के लिए तरसती है कल भी आजादी के लिए तरसती थी।

*जीने की आरजू बढ़ा दी मेरी*
“तुझे भूलना मुमकिन नहीं आज भी तू मेरे खयालातो मे है”

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तेरी ये रेशमी जुल्फों की महक आज भी मेरी सांसों मे है

तेरी वो खूबसूरत अदा आज भी मेरी इन आंखों मे है।

टूट कर प्यार किया था तेरी इस सूरत से नहीं सादगी से

तेरे इस हसीन प्यार की लकीर आज भी मेरे हाथों मे है।

वो लम्हा वो पल जो कभी साथ साथ ही गुजारे थे हमने

वह सादगी वह खुलूस आज भी तेरे इन जज्बातो मे है।

तेरे आ जाने से जुदाई की घड़ियां खत्म हुई मेरी

वह चांद सा हसीन चेहरा आज भी मेरी रातो मे है।

मुझे भी ये उम्मीद थी अपने प्यार पर कि तुम जरूर आओगे

वही खनक वही जुनून आज भी तेरी इन बातों मे है।

पल पल दिल मेरा बेताब था इस मिलन के लिए।

वह साफगोई आज भी मेरे इन हालातों मे है।

अब तो तेरे ये इश्क ने जीने की आरजू बढ़ा दी मेरी।

तुझे भूलना मुमकिन नहीं आज भी तू मेरे खयालातों मे है।

*मुस्कान हो उनके चेहरे पर*
“प्यार करना तो खुलकर करना इसमे वो अहम ना हो”

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किसी से बात ऐसी कहो कि जज्बात भी कम ना हो

खयालात ऐसे हो कि जिंदगी मे कभी भी गम ना हो।

दिल के उस कोने में इतनी जगह जरूर रखना यारो तुम

खाली खाली सा यह जहां लगे जब हम न हो।

खुशियों की इस सौगात से दामन भरना उनका तुम

मुस्कान हो उनके चेहरे पर आंखें कभी नम ना हो।

बेपनाह प्यार करने वाले दुनिया में अभी कम मिलते हैं

प्यार ऐसा जताओ कि प्यार का उनको वहम ना हो।

अब तो ये अजनबी लोग भी देने लगे है उन्हें इल्जाम यारो

मगर ख्याल रखना तुम्हारी बात का ऐसा सितम ना हो।

इस प्यार की कदर प्यार करने वाला ही बखूबी जानता है

प्यार करना तो खुलकर करना इसमे वो अहम ना हो।

प्यार करना ना करना ये आशिक भी तो खूब जानते हैं।

प्यार करने के लिए उन पर पाबंदी कोई कसम ना हो।

सीताराम पवार
उ मा वि धवली
जिला बड़वानी
मध्य प्रदेश
9630603339

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