नारी तुम अबला नहीं

नारी तुम अबला नहीं,
तुम एक सबला नारी हो।

तुम में पूरे वीरता के गुण समाये,
इसलिए तुम झांसी की रानी कहलायी ।

नारी तुम अबला नहीं,
तुम एक सबला नारी हो।
तुम दया का वह सागर हो,
जिसमें पूरा संसार समाहित है।

नारी तुम अबला नहीं,
तुम एक सबला नारी हो।
ममता का वह रूप हो तुम
जिसमें जीवन का सार होता है।

नारी तुम अबला नहीं,
तुम एक सबला नारी हो।
नारी तुम त्यागमय हो,
जिसमें अपनी खुशियों का परित्याग करती हो।

नारी तुम अबला नहीं,
तुम एक सबला नारी हो।
धैर्य और इच्छा शक्ति कि वह देवी हो
जिसमें नौ रूपों का समावेश है।

नारी तुम वह आलेख हो जिसमें पूरी दुनिया सुलेख है।
नारी तुम अबला नहीं, तुम एक सबला नारी हो

सुंदरी अहिरवार
भोपाल मध्यप्रदेश

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