आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां

आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां

आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां
बताओ सच्ची मोहब्बत मिले वो कहां , जहां
कितने मोहब्बत में टूटे बिखरे हुए यहां-वहां
मोहब्बते नाम पर टाईम पास करते जहां-तहां।।
आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां।।2।।

रुह से रिश्ता निभाएं किसी में वो जज़्बात कहां
सिर्फ जिस्म , खूबसूरती के दीवाने बनते यहां
शुरू हुई मोहब्बत, छूना चाहें जिस्म जवां-जवां
मिटी भूख जिस्म कि कहें बही थी नादान हवा।।
आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां।।2।

पलकों की छांव में-वीना आडवानी तन्वी

आज नवजात मिले कचरे में , ये कैसा कारवां
गलती नवयुवाओं कि खामियाजा भुगते , नादां
कहते टाईम पास थी तुम , पहले से संस्कार कहां
गरम हवा चली जिसे बुझाए , पाप कर जिस्म जवां।।
आज कल मोहब्बत में पहले सी बात कहां।।2।।

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र
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