16 सितम्बर 2021 आज की रचना विवेकानंद


कोलकाता 12 जनवरी 18 63 में
कुलीन परिवार में जन्म हुआ..
नाम नरेंद्र नाथ दत्त…
महान समाज सुधारक वह
शालीन गरिमावान व्यक्तित्व के धनी
गुरु रामकृष्ण परमहंस
के शिष्य विवेकानंद कहलाये
महान आध्यात्मिक गुरु
विश्व पटल पर धर्म ध्वजा फहराया..
भारत की विरासत पर गर्व था उन्हें..
भारत के अतीत और वर्तमान के बीच सेतु बनकर
वेद वेदांत उपनिषदों के ज्ञाता
बांग्ला और अंग्रेजी के ओजस्वी वक्ता
महान लेखक महान विचारक
युवाओं के प्रेरणास्त्रोत सच्चरित्र निर्माण हेतु ऊर्जावान बनाया
अमेरिका इंग्लैंड यूरोप में हिंदू दर्शन के सिद्धांतों का प्रसार किया..
शिकागो में 11 सितंबर 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में..
भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया…
युवाओं को संदेश दिया..
उठो जागो और तब तक नहीं रूको
जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए
उनके जन्मदिवस को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है..
रामकृष्ण मिशन की स्थापना की
सच्चे देशभक्त सन्यासी के रूप में हुए महान विद्वान…
अध्यात्म ज्ञान विज्ञान नव जागृति का संचार किया..
युगपुरुष विवेकानंद कहलाए..
4 जुलाई 1902 को बेलूर मठ
हावड़ा में धर्म सितारा क्षितिज में विलीन हुआ…
ज्ञान का प्रकाश सारे जगत में प्रचार प्रसार किया…
चमक रहा यह आज सितारा…
धर्म ध्वज फहरा रहा है..
युवाओं को प्रेरणा देकर…
ऊर्जा का संचार भर रहा…!!

आरती तिवारी सनत
©® दिल्ली

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