बोल बम बोल बम काँवरिया

गीत

बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
बाबा भोले के चले के नगरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
भीतर बाहर मन के जगा के ।
बोल बम बोल बम जयकारा लगाके ।।
चलत रहीं धरिके इहे डगरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
सुल्तानगंज से काँवर के सजाके ।
बाबा खातिर गंगाजल उठाके ।।
बोल बम नाम सिर बाँध ना पगरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
मनसा पाप छल कपट भगाके ।
बाबा बैजनाथ के जयकारा लगाके ।।
लाहे लाहे बढ़त रहीं बहुत बा कंकड़िया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
हरऽ हरऽ बम बम जयकारा लगाके ।
बाबा बैजनाथ के गंगाजल चढ़ाके ।।

कुछ भाव पूर्ण भक्ति रचनाएं लखन जी द्वारा
धरा नभ गुँजत रहे सगरी जयकरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।
नमन बाटे बाबाके हमरो इहाँ से ।
भजनरूपी गंगाजल चढ़ाके ।।
अन्न धन बुद्धि ज्ञान से भरीं ना भण्डरिया ।
बोल बम बोल बम बोलऽ हो काँवरिया ।।

अरुण दिव्यांश
डुमरी अड्डा , सारण
बिहार ।

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