गजल अपने हिसाब से जीने में मजा है

*मजा है…*

बात न करनें में भी एक मजा है।
ख़ामोश रहने में भी एक मजा है।

नही किसीसी से शिक़वा नही बैर
सभी से दूर रहने में मजा है।

दुनिया में ना में किसीका नाही
कोई मेरा इस रिश्ते में मजा है।

सफ़र में दिल से दुश्मनी और
ग़म से दोस्ती करनें में भी मजा है।

अपने अंदाज़ में हर कदम पर
चुनोतियाँ से लड़ने में भी मजा हैं।

बिना किसी बंधन के ज़िंदगी को
अपने हिसाब से जीने में मजा है।

*नीक राजपूत*
*9898693535*

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