नववर्ष एक उल्लास-अमिता गुप्ता

विषय- *नववर्ष*(नववर्ष एक उल्लास)

*नववर्ष* की मधुरिम बेला आयी,
खुशियां, उमंगे अपार लायी,
अंतस तिमिर मिट जाए सारा,
नवजोश, उल्लास, उजास लायी।
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नूतन वर्ष लाए नया सवेरा,
दीन-दुखियों के अधर मुस्कान बिखेरे,
रोशन हो जाए जहां सारा,
छंट जाएं काले बादल घनेरे।
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अभिनंदन वंदन सब मिलकर करें,
उर जोश भरें, अवगुण दुर्गुण शमन करें,
परमारथ निहित हर कर्म अपना,
प्रतिपल आशाओं के सुमन खिलें।
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हो विस्तारित भारतीय संस्कृति,
नवल वर्ष मां भारती की जय जयकार करें,
करें सर्वस्व न्यौछावर तिरंगे की आन को,
सुख-समृद्धि अमन चैन काबिज़ करें।
नूतन वर्ष सुंदर मार्ग प्रशस्त करे।
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स्वरचित मौलिक रचना
✍️… अमिता गुप्ता
कानपुर, उत्तर प्रदेश

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