नव वर्ष-राम कुमार

💐नववर्ष 💐
जब नव वर्ष आएगा ,पृथ्वी पर हर्षोल्लास छाएगा।
मन सभी का नई उमंगो से, फिर से लहरा जाएगा।
खुशियों के बादल मंडराएगें , रंग इंद्रधनुषी छाएगा
नई फिजायें, नई गिलायें और रंगीन सवेरा होगा।
बन्द कलियां मुस्कएँगी जब नववर्ष सुनहरा होगा।
फसलों की हरियाली से मखमली नजारा होगा ।
कोरोना का कहर मिटेगा एक नया उजाला छाएगा
मिट जाएंगे द्वेष सभी जब पावन अवसर आएगा बदलेगी किस्मत भारत की नई छवि बन जाएगा।
भारत के उपकारों से दुनिया में नया साहस भरेगा।
परचम लहरेगा दुनिया भर में ह्रदय कमल खिलेगा
मेरे भारत की मिट्टी का जब विश्व गुणगान करेगा।
जन्मभूमि का वन्दन होगा जब नूतन वर्ष हँसेगा।
नव वर्ष की पावन वेला पर मन का शोक मिटेगा।
रोम रोम में होगी ताजगी तन का भी रोग मिटेगा।
नववर्ष का अभिनन्दन ,वन्दन,और चंदन होगा।
स्वरचित
रामकुमार प्रजापति
लक्ष्मणगढ़ अलवर(राज.)

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