मैं भारत माता की बेटी हूँ हिन्दी

राष्ट्रभाषा हिन्दी का गुणगान

शीर्षकः अभिलाषा

मैं भारत माता की बेटी हूँ ,
मैं ही राष्ट्रभाषा हिन्दी हूँ ।
माथे पर होकर विराजित ,
सुन्दर शोभनीय बिन्दी हूँ ।।
तुम भी भारत के बेटे बेटी ,
फिर क्यों है अपमान मेरा ।
मै तो माँ भारत की बेटी ,
क्या नहीं हिन्दुस्तान तेरा ।।
भारत के ही वासी तुम हो ,
सबके जुबाँ पर बसती हूँ ।
यही तो बड़ा दुर्भाग्य मेरा ,
कार्यालयों में न रसती हूँ ।।
आती तो है क्रंदन मुझको ,
जुबान तक सीमित रहती हूँ ।
मुख कपाल तक वास मेरा ,
कार्यालय में नहीं बहती हूँ ।।
पहचानने की कोशिश करो ,
मैं तुम्हारी हिन्दी राष्ट्रभाषा ।
बहुत दिनों से हूँ आशा पाले ,
पूर्ण हो मेरी यह अभिलाषा ।।

अरुण दिव्यांश
डुमरी अड्डा
छपरा ( सारण )
बिहार ।

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