हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं-गुड़िया कुमारी गौतम

नन्हे मुन्ने बच्चे हैं

हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
छल कपट से न नाता है,
गैरों से भी यारी है,
अपने ही दिल की सुनते हैं,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
हम पथ के राही है,
भोला भाला जीवन है,
गिर के संभलना आता है,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
अपनी ही मस्ती में रहते,
हर दिल से एक नाता है,
खेलों की एक दुनिया है,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
मोजों की एक रवानी है,
बचपन भी एक नादानी है,
चिन्ता की न निशानी है,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
चाचा नेहरू के प्यारे हैं ,
सब के राजदुलारे है,
झुम झुम के गाते हैं,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
फूलों से भी कोमल है,
देश का भविष्य है,
देश के सपूत कहलायेंगे,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है,
सत्य अहिंसा का पाठ पाढेगे,
आपस में भाईचारा रखेंगे,
देश की खातिर कुछ भी कर जायेंगे,
देश का नाम रोशन करके दिखेंगे,
हम नन्हें मुन्ने बच्चे हैं,
दिल के बड़े सच्चे है।।

कुमारी गुड़िया गौतम ( जलगांव) महाराष्ट्र

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