होली मे रहें मतंग

होली मे रहें मतंग

जब जीवन लगे बेरंग,
भर लें खुशियों का रंग।
मन में है भरी उमंग,
न रहेगा कुछ बदरंग।।

जब चढ़ेगा सातो रंग,
रिश्तों नातों के संग।
चढ़ जाएगा जब भंग,
तब छिड़ेगी ऐसी जंग।।

अपनों को करेंगे तंग,
गाएंगे होली संग।

बाजेगा ढोल मृदंग,
नाचेंगे मिल कर संग।।

झूमेंगे दिग-दिगंत
राजा हो या हो रंक।
गीला शिकवा हो बंद,
होली में रहें मतंग ।।

प्रेमशंकर प्रेमी (रियासत पवई)औरंगाबाद

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