नव वर्ष-डॉ.जगदीश चौहान

*नव वर्ष की मंगलमय शुभकामनाएँ*
नव वर्ष में ऐसा हो मेरा देश ,
परिवर्तित हो जाये सकल परिवेश ।
व्यापार में चरम पर पहुँचे ,
सभी देशों में मेरे देश की वस्तुएँ पहुँचे ।
भ्रष्टाचार से देश मेरा मुक्त हो जाये ,
करंसी के रूप में जेब में डेबिट-क्रेडिट कार्ड रह जाये ।
शासन केवल जनहित में संचालित हो ,
बिन भाषण के ही राष्ट्र-उन्नति के कार्य क्रियान्वित हो ।
शिक्षा में लक्ष्य ज्ञान देने का हो जाय ,
केवल साक्षर बनाने का मान भंग हो जाय ।
स्वच्छ-स्वस्थ देश मेरा बन जाये ,
रोग से पूर्व ही उसका उपचार हो जाये ।
खेल में लक्ष्य *विराट* हम पायें ,
शक्ति व दृढ़ता से हम *सिंधु* भी पार कर जायें ।
गर्व हो हर देशवासी को इस धरा पर ,
प्राणों की आहुति देने को भी हर कोई हो तत्पर ।
हो कोई शत्रु देश में या सीमा पर ,
हृदय निकाल देंगे उसका , लगे ना पल भर ।
देश सर्वोपरि हो हम सभी के लिए ,
रक्त की एक-एक बूँद हाज़िर है भारत माँ के लिए ।
भारत माँ के सभी लाल शपथ आज यह उठाएँ ,
प्रत्येक हिन्दुस्तानी को नूतन वर्ष की मंगल कामनाएँ ।
*शुभाभिलाषी*
*डॉ.जगदीश चौहान*
*माध्यमिक-शिक्षक*
*शासकीय हाईस्कूल , मनावर*
*जिला-धार* ( *म. प्र.* )

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