कैसे दोहा और हाइकु लिखते हैं

दोहा क्या है

कैसे लिखा जाए दोहा

कविता लिखने से पहले देखेंकविता

सबसे पहले आपको मात्रा समझना चाहिए। जैसे खबर में 3 मात्रा और खीर में भी 3 मात्रा है।
विद्वानों के अनुसार दोहा अर्द्धसम मात्रिक छंद है। दोहा शब्द से ही स्पष्ट होता है कि यह दो पंक्ति का होता है लेकिन इसमें चार चरण होते हैं | इसके विषम चरणों (प्रथम तथा तृतीय) में १३-१३ मात्राएँ और सम चरणों (द्वितीय तथा चतुर्थ) में ११-११ मात्राएँ होती हैं।
‘बड़ा हुआ तो’ पंक्ति का आरम्भ ज-गण से ही होता है। सम चरणों के अंत में एक गुरु और एक लघु मात्रा का होना आवश्यक होता है अर्थात् अन्त में लघु होता है।
उदाहरण
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, जैसे पेड़ खजूर।पंथी को छाया नहीं, फल लागैं अति दूर।।

मुरली वाले मोहना, मुरली नेक बजाय।तेरी मुरली मन हरे, घर अँगना न सुहाय॥
अब बार -बार इस पाठ को पढ़ें और अभ्यास करें।कुछ ही प्रयास आपको सफल कवि बना देगा।
लेकिन यह इतना भी सरल नहीं है।क्योंकि दोहे के मुख्य 23 प्रकार हैं:- 1.भ्रमर, 2.सुभ्रमर, 3.शरभ, 4.श्येन, 5.मण्डूक, 6.मर्कट, 7.करभ, 8.नर, 9.हंस, 10.गयंद, 11.पयोधर, 12.बल, 13.पान, 14.त्रिकल 15.कच्छप, 16.मच्छ, 17.शार्दूल, 18.अहिवर, 19.व्याल, 20.विडाल, 21.उदर, 22.श्वान, 23.सर्प।
आप अभी घबड़ाकर में न आयें।

हाइकु क्या है ? कैसे लिखे

यदि आपने अभी -अभी कवि बनाने की सोचा है तब आप कविता लेखन की जापानी कला को अपना सकते हैं जिसे हाइकु कहा जाता है।
हाइकु लिखना सरल है। इसमे तीन पंक्तियाँ  होती  है।
हाइकु के लिए पहली पंक्ति में ५ अक्षर, दूसरी में ७ अक्षर और तीसरी पंक्ति में ५ अक्षर, इस प्रकार कुल १७ अक्षर की कविता है। इन 3 ही पंक्तियों द्वारा पूरा भाव प्रदर्शित होता है। अब उदाहरण देखिये

कौन समझे —–5
इस दुनिया मे मै—-7
सदा अकेला ।—–5
अब इन 3 पंक्तियों के भाव का चिंतन कीजिये और लिखते रहिये।
और आप भी अपना लेख देना चाहे ईमेल करें।

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