कैसे लिखते हैं कविता

कविता लिखने का अर्थ है कि अपने अंदर झाँकना और अपने चारों ओर मौजूद परिवेश को ध्यान से देखना। कविता प्रेम से लेकर जुदाई तक या किसी याद या किसी ऐतिहासिक तथ्य तक अर्थात किसी भी बारे में हो सकती है। एक सही प्रेरणा और नजरिया अपनाकर, आप एक ऐसी कविता लिख सकते हैं, जिसे आप खुशी-खुशी अपनी मंडली में मौजूद सारे लोगों के साथ पढ़ सकते हैं ।

कैसे हो कविता की शुरुआत यहाँ क्लिक करें कविता क्या है

सबसे पहले लिखने का अभ्यास करें । एक कविता की शुरुआत किसी छोटे से छंद मात्र से, कहीं से भी आ रही कुछ एक या दो लाइन से, या आपके मन से दूर जाने का नाम ही नहीं ले रही किसी एक तस्वीर से भी हो सकती है। आप बस लिखने का अभ्यास करके और अपने चारों तरफ मौजूद दुनिया का इस्तेमाल करते हुए भी अपने लिए एक प्रेरणा की तलाश कर सकते हैं। जब आपको अपने लिए एक प्रेरणा मिल जाए, फिर आप आपके विचारों को एक कविता का आकार दे सकते हैं।वैसे याद रखें कि कविता हृदय में स्वयम उपजती है।
अपने हृदय में उठ रहे विचारों को दोहे के रूप में सोचते रहें।अपने विचारों को तुलसी के दोहों या कबीर आदि के दोहों में ढालने का प्रयास करते रहे।

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आप जिस माहौल में रहते हैं उससे प्रेरणा लेने का अभ्यास करें। आपके चारों तरफ एक अच्छी कविता लिखने के लिए प्रेरणा भरी हुई है, फिर चाहे आपने अभी तक इसे देखा न हो। अपनी सारी यादों, परिस्थितियों और पलों को अपने लिए मौजूद कविता के विषय के रूप में देखें, और आप भी अपने चारों तरफ मौजूद हर एक चीज़ में, कविता को देखना शुरू कर देंगे!आप सदैव अपने हृदय की आंखों से अपने माहौल को देखते रहें।माहौल आपका विषयो से भरा है। इसपर आपको पैनी नज़र रखनी होगी।
आप सर्वप्रथम छोटी रचनाये लिखने का अभ्यास करें।नकल तो एकदम ही न करें।इससे आपके आत्म विश्वास में बढ़ोतरी होगी।

दोहा कैसे लिखें -जानने के लिए अगला पोस्ट पढ़ें।

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