नव वर्ष-विनीता कुशवाहा

शीर्षक नववर्ष
नव वर्ष तुम्हारा अभिनंदन ।
करती हूं शत-शत में वंदन।
जीवन में सदा ही हर्ष रहे,
जीवनपथ सदा उत्कर्ष रहे।

न द्रवित कहीं भी मानवता हो।
नकरना संकल्पों से समझौता हो।
लक्ष्य तुम्हारा सदा अटल रहे,
संघर्षों में भी उच्च पटल रहे।

बेटियां विवश न दिखाई दे।
उनको बढ़ने की बधाई दें।
उनके पथ पर सदा सुमन रहे,
उनके मन में न कोई चुभन रहे।

जीवन में न छाया अंधेरा हो।
मन में न कभी तेरा मेरा हो ।
सबको अपना बनाते रहे,
सबको गले से लगाते रहे।

हृदय हमारा सदा निर्मल हो,
दिलो में बसता गंगाजल हो,
सबके दिलों में सदा स्नेह रहे,
प्राणी को प्राणी से न भय रहे।

विनीता कुशवाहा
गोंडा
ईमेल:- vinita.kushwaha1975@gmail.com

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