मातृ दिवस पर पन्ना धाय -पवन गौतम की रचना

यद्यपि पन्ना धाय पर तो इतिहास और काव्य जगत लिखा भरा हुआ है ,किन्तु #मातृ दिवस पर आज अचानक मुझे भी पन्ना धाय जिसने अपने पुत्र को बलिदान देकर उदयसिंह और चित्तोड़ की रक्षा की । उस मां पर लिखकर लेखनी को पवित्र करने का मन हुआ ,लीजिए टूटी फूटी कविता मातृ दिवस की बधाई सहित प्रस्तुत है।….

#मां पन्नाधाय
(तांडव छंद)

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रक्त के तूफान में, राष्ट्र के सम्मान में
शौर्य वरदान मे , वीरता की तान में
अक्ष निज आन को , गौरवशाली गान को
झुका अकड़ शैतानियत , हवन वेदि प्राण को।

पुण्य अक्ष्य दान कर दिया ।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया।

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उस कुटिल रात में , धूर्तता की घात में।
तृन भी नहि साथ मे, सत्य था सौगात में।
सपन आंख में सजा , था गज़ब सा प्रण उठा।
फैसला अज़ब किया , अभूतपूर्व सा किया।

चंडी सा आह्वान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया।
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इधर प्राण अंस था , बचाना उधर वंश था।
देनी एक आहुति , बनबीर जो कि कंस था।
चितोड़ को नमन किया , एकलिंग वन्दन किया।
चन्दन को उदय बना, उदय को चन्दन किया।

मोह का अवसान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया।
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बनबीर गच्चा खा गया, शैतान भी शरमा गया।
धुंआ धुंआ गगन हुआ , रुआं रुआं जिगर हुआ।
अमर चितोड़ की कथा , अमर धाय की व्यथा।
जिसने भी देखी सुनी , नमन नमन यथा यथा।

ऋषियों ने भी ध्यान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया ।
माँ ने अमर दान कर दिया।
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सुमन सुमन बिखर गया, खड्ग तन उतर गया।
देख हाय दृश्य को, स्वर्ग भी बिफर गया।
देव सब नमन करे, मां की वंदना करे।
दिशाएं सब ठहर गयी, अखण्ड अर्चना करे।

ऊंचा स्वाभिमान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।।
मां ने अमर दान कर दिया।
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आसमां सिहर उठा , कलेजा मुंह को भर उठा।
कीरत ले पतले उठा , जिधर उठा उधर उठा ।
इधर लाडला पड़ा , राक्षस उधर अड़ा
किन्तु मां का धैर्य, डिगा नही अचल अड़ा।।

छोटा आसमान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया।।
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दर्द की शिकन ना थी , चोट की चुभन ना थी।
उदय ही उदित रहे ,इससे बढ़ लगन ना थी।
धरा अचंभित हुई, देवी अवतरित हुई।
शक्ति भी चकित हुई , आँख थकित सी हुई।

उदय देदीप्यमान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया ।
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बलिदान का पर्याय थी , जैसे उतर के आई थी।
मातृ शब्द खिल उठा, ऐसी महामाय थी।
कहानियों में आ गई , इतिहास ही चमका गई।
कहते कि माई तो, चितोड़ पन्ना धाय थी।

धन्य राजस्थान कर दिया।
चन्दन का बलिदान कर दिया।
मां ने अमर दान कर दिया।।

मातृ दिवस की बधाई

🙏🙏PWN Bmooliya

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