उत्तर प्रदेश मिशन सशक्तिकरण द्वारा शिक्षकों के सम्मान में ऑनलाइन एक कार्यक्रम का आयोजन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश मिशन सशक्तिकरण द्वारा शिक्षकों के सम्मान में ऑनलाइन एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रतिभाग करने वाले मंच के सभी सदस्य अपने गुरुओं के साथ ऑनलाइन उपस्थित थे सभी ने अपने गुरुजनों के सामने अपने मन के भावों को व्यक्त किया और शुभाशीष प्राप्त किया गुरुजनों ने अपने सभी छात्रों को अशेष शुभकामनाएं दी और सभी के जीवन में प्रथम गुरु माता ही होती हैं तो मंच पर कई माताएं उपस्थित थीं, सभी ने मंच के सदस्यों को आशीष आशीर्वाद प्रदान किया सभी अपने गुरुओं के सम्मान में बोलते हुए सजल ही रहे आंखें ही बोलती रहीं शब्द कम ही निकल पाए ज्योत्स्ना जी के अद्वितीय संचालन में कार्यक्रम पूर्णता से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित गुरु राम लाल त्रिपाठी जी ने कहा कि धर्म, अध्यात्म और ,नैतिकता के अभाव में छात्र भटक जाते हैं उचित दिशा निर्देश के अभाव में बच्चे अपने भविष्य के निर्णय लेने में असमर्थ हो जाते हैं शिक्षकों का बहुत बड़ा दायित्व है कि वे प्रत्येक दृष्टिकोण से छात्र को पोषित करने का प्रयास जीवन पर्यंत करते रहे, छात्र की सफलता की खुशी गुरु को छात्र से दोगुनी होती है और जब किसी छात्र को दंड देकर कुछ सिखाने का प्रयास किया जाता है तो दिए गए दंड की पीड़ा गुरु को छात्र से दोगुनी होती है। सकारात्मक भावों के आदान-प्रदान के साथ कार्यक्रम अपने गुरु के समक्ष उनसे प्राप्त प्रेरणा का बखान करते हुए अश्रुपूरित नैनो के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में डॉ ज्योत्सना सिंह जी अपने गुरु श्री के.के.पांडेय जी एक साथ,रेनू मिश्रा जी अपने गुरु अपने गुरु श्री राज शर्मा जी के साथ,गीता पांडे अपराजिता जीअपने गुरु श्री बी.एन.त्रिपाठी जी के साथ, श्रद्धा सिंह, जी अपने गुरु श्री रामकुमारी सिंह जी के साथ,
रंजना बिनानी जी अपनी मां गुरु-मां कृष्णा देवी सोमानी जी के साथ, डॉ सुधा मिश्रा जी गुरुदेव श्री राम बहादुर मिश्रा जी के साथ,साधना मिश्रा लखनवी, जी अपने गुरु पिता.. प.प्रह्लाद नारायण त्रिपाठी शास्त्री जी के साथ , अन्नपूर्णा मालवीया जी अपनी गुरु गुरु मां स्व०शान्ति देवी मालवीया जी की स्मृतियों के साथ,संगीता शर्मा कुंद्रा जी अपनी गुरु चौधरी मैडम जी के साथ, अपर्णा त्रिपाठी जी अपने गुरु श्री डॉ आशीष मिश्रा जी के साथ,सुमन मिश्रा जी गुरु माता श्रीमती प्रेमा मिश्रा जी के साथ, रश्मि लहर जी गुरु के रूप में अपनी मां श्रीमती निर्मल तिवारी, जी के साथ,रमा दुबे जी गुरु श्रीमती इंदु दुबे जी के साथ, तथा साधना मिश्रा विंध्य जी गुरु आचार्य रामलाल त्रिपाठी जी के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहीं सभी ने गुरुद्वारा अर्जित किए गए ज्ञान को साझा किया। प्राचीन स्मृतियों को साझा करते हुए सभी के नेत्र कई बार सजल हुए, अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षा शिक्षाविद् आदरणीया सविता व्यास जी ने सभी को भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।

Share

Leave a Comment