नव प्रेरणा-राजकुमार मोरगे

✍🏻 ◆ नवप्रेरणा ◆
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नए वर्ष की नई प्रेरणा
मन मे अपने जगालो
छोड गर्व अहंकार को
सबको गले लगालो

दिन गया और बात गई
नये दिन की सुभह आई
मिलजुल नए दिन का
संकल्प तुम करलो

क्या पाया जीवन मे
और क्या खोया इसमे
दुःखभरे दल दल से
आओ बाहर निकलो

काला गोरा उच्च निचता
समाजसेवा हुई लापता
चलकर नए पथपर तुम
अपना उसे बनालो

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– राजकुमार मोरगे
हिंगोली ( महाराष्ट्र )
© 9834944525

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