नव वर्ष 2022-डॉ बी निर्मला

नव वर्ष – २०२२

आओ स्वागत करें हम सभी नव वर्ष २०२२का,
गिले शिकवे,दुःख दर्द भूल दीप जलाएं आशा का,
नव वर्ष,सबके जीवन में लाए उमंग और खुशी,
सबके चेहरों पर फिर से लौट आए मुस्कुराहट,हंसी।

इस वर्ष भी,विश्व में कोरोना ने जो मचाया कहर
किसी को न छोड़ा इसने,बच्चे,युवा हों या वृद्ध,
सबके जीवन में आया,बहुत बड़ा परिवर्तन,
परिवर्तन ही प्रकृति का नियम,यही है सत्य।

कोरोना महामारी ने हमें है,बहुत कुछ सिखाया,
मानव जीवन,कितना अनमोल,अब समझ आया,
सहा हमने भी,अपनों का बिछुडना और दु:ख,दर्द,
मौत के तांडव नृत्य से,कांप उठी थी सबकी रूह।

नव वर्ष में,नहीं डरना है हमें कोरोना आदि से,
आओ,सब मिलकर बढ़ाएं आगे कदम साहस से,
खुद को,देश को,बनाएं सुदृढ़ और आत्म निर्भर,
जीयेंगे लेकर,एक नई सोच,नई दिशा,नई राह।

नव वर्ष लाएगा,सबके जीवन में नव परिवर्तन,
आलस त्याग,करना है सबको कठोर परिश्रम,
शाश्वत मानवीय मूल्यों को,हम कभी नहीं भूलेगें,
भारतीय संस्कृति का,हम सदा ही मान रखेंगे।

भूलें न यह कभी,प्रकृति ने दिया हमें बहुत कुछ,
अब हमें भी लौटाना है,वापस उसे बहुत कुछ,
भूल से भी नहीं करेंगे हम प्रकृति की हानि कभी,
आओ,नव वर्ष में,करें यह प्रतिज्ञा हम सभी।

लेकर संग धैर्य,साहस और सकारात्मक सोच को,
छोड़ अहंकार,अहम,दर्प,द्वेष और हिंसा आदि को,
खुशी खुशी थामेंगे हाथ,दोस्ती और मानवता का,
बुराई को छोड़ अपनाएंगे सभी,मार्ग सत्कर्म का।

करेंगे हम ‘जिओ और जीने दो’,धर्म का पालन ,
सुंदर वसुंधरा पर फिर आबाद होगा मानव जीवन,
सारे विश्व में हमारे भारतवर्ष का परचम लहराएगा,
नव वर्ष-२०२२,उमंगों,खुशियों के संग आएगा।

कवयित्री,
डॉ बी निर्मला,
मैसूर,कर्नाटक।

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