नव वर्ष दिनचर्या-इं बृज उमराव

नव वर्ष दिनचर्या

स्वस्थ सुखद भौतिक दिनचर्या,
जीवन को ऐसा ढालें।
प्रातः जागरण प्रभु स्मरण,
हथेली दर्शन जल पी लें।।

निवृत्त होवें नित्य क्रिया से,
प्रातः भ्रमण सुनिश्चित हो।
योगासन प्राणायम करें,
प्रक्रिया समय भी निस्चित हो।।

फलाहार पौष्टिक आहार,
भरपेट नास्ता ले लेवें।
प्रसन्न चित्त हो कार्य स्थल में,
रोज काम को निपटावें।।

दोपहर का खाना औसत हो,
छाछ संग होना चाहिए।
आराम करें आधा घंटा,
पुनः काम पर तुम लिये।।

कार्य मध्य में थोड़ा सा,
तन मन को दें विश्राम।
कार्य अधूरा कभी न छोड़ें,
परस्पर कभी न हो संग्राम।।

अल्पाहार करें सेवन,
तनाव पास न आनें दें।
सुखद स्वस्थ जीवन जीवें,
बीमारी को दूर भगा दें।।

जद्दोजहद है कदम कदम पर,
घबड़ानें की बात नहीं।
हिम्मत रख कर करें सामना,
सदा सर्वदा रात नहीं।।

संन्ध्या काले भजन व पूजन,
तन को दें थोड़ा आराम।
भोजनोंपरान्त न शयन करें,
थोड़ा कर लेवें विश्राम।।

रात्रि दस बजे सो जावें,
छः घंटे में नींद हो पूरी।
ब्रह्म मुहूर्त में उठ जावें,
हो स्वस्थ शरीर तमन्ना पूरी।।

इं बृज उमराव कानपुर
उत्तर प्रदेश

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