नये संकल्प-आरती श्रीवास्तव विपुला

नये संकल्प

देख कलेंडर दीवार पे,
पूछी उससे बात।
“क्या होगा कल तेरा हाल?
जब होगा नया साल आगाज।

हंसकर कहा कलेंडर ने
मुझसे एक ही बात।
मैं तो बदल जाऊँगा कल
कब बदलोगे आप?

जब तक मैं आया लोगो के काम
सबने मुझे रखा संभाल।
नये कलेंडर के आते ही,
लोगों ने दिया मुझे डार।

जब तक काम आते हम
दुनिया करें सलाम,
मैं तो हारा नियति के आगे
तुम लो अपना भविष्य सँवार।

मायाजाल है दुनिया सारी
मान लो मेरी बात
कर लो श्री राम से प्रीति
हो जाओगे पार।

धोखा झूठ फरेब से
कर लो तुम तोबा
प्रीति कर लो श्री राम से
कभी न होगा धोखा।

नये साल में नये संकल्प लेना तुम इस बार।
हर वर्ष की भांति खाली ना जाये इस बार।
ढ़ृढ निश्चय और पूर्ण विश्वास से
जीतना लेना जग इस बार
आरती श्रीवास्तव
जमशेदपुर झारखंड।

Share