नव वर्ष अभिनंदन-योगिता चौरसिया

नव वर्ष अभिनंदन

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नई उमंगों नई तरंगों का,
सहर्ष हम अभिनंदन करें।
मंगलकारी नव वर्ष का,
आओ मिलकर वंदन करें।।

भूलीं बिसरी यादें पुरानी,
खट्टे मीठे पलों की कहानी।
कुछ सुख-दुख से भरी हैं,
हुई उन पलों की रवानी।।

क्या खोया क्या पाया,
यहीं लेखा जोखा बताया।
खुद को जाना और खुद में,
छिपी प्रतिभा को हमनें उकेरा।।

कहीं महामारी से लड़कर हमनें,
जीवन बिताया और कहीं गवाया।
कहीं जीवन को अपनों के संग,
खुशियाँ में जीना भी सिखाया।।

मेरी आशाएं-मीरा कुमारी परिहार

हर दुख दर्द का हुआ जैसे,
अब तो लगता अंत हैं।
भोर सुख का हुआ नव वर्ष में,
जो हुआ अब तो अनंत हैं।।

हौसलों के पंख लगाकर अब,
आसमां भी छू हम लेंगे।
अपनीं कलम की कल्पना से,
इस वर्ष नायाब रच देंगे।।

—-स्वरचित/मौलिक
—-योगिता चौरसिया
—-मंडला म.प्र

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2 thoughts on “नव वर्ष अभिनंदन-योगिता चौरसिया”

  1. 👌👌 अतिउत्कृष्ट सृजन के लिए आदरणीया योगिता चौरसिया जी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐💐👍
    — राजकुमार छापड़िया, मुंबई

  2. 👌👌 अतिउत्कृष्ट और लाजबाब सृजन के लिए आदरणीया योगिता चौरसिया जी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐💐👍
    — राजकुमार छापड़िया

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