नव वर्ष-नंदिनी तोमर

नव वर्ष
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सुख समृधि वैभव लाया
नव वर्ष उत्सव है आया
नया दिन नई ऊर्जा लाया
खुशियों का नव दीप जलाया।

खेतो मे है धूम मची
किसान मंद मंद मूस्काया
धरा सजी दुल्हन की भाँति
सूरज ने उजास् फेलाया।

गिले शिकवे दूर करे हम
एक नई उड़ान भरे,
पंछी ने सुंदर गीत है गाया
नया सबेरा फिर से आया।

भूलि बिसरी दुःखद वो यादे
भुला मन वो बीती बाते
रात गई , अब हुआ सबेरा
डाला फिर खुशियों ने डेरा।

भूतकाल मे भटका था मन
भविष्य हुआ जगमग् सुनहरा
पल पल बिता, ये वक्त अल्बेला
क्या था तेरा और क्या मेरा।

प्रेम भाव से गले लगाओ
सुंदर रिश्ते बखूबी निभाओ
स्वागत कर नव दीप जलाओ
संदेशा लाया नूतन बर्ष नवेला।

नंदिनी तोमर🙏🙏इंदौर

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