काव्य गोष्ठी मां विंध्यवासिनी ट्रस्ट और साहित्योदय मंच

मां विंध्यवासिनी ट्रस्ट और साहित्योदय मंच के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मे डॉ अरुण कुमार शास्त्री जी मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित रहें और सभी का उत्साहवर्धन करते रहे, कार्यक्रम के अध्यक्ष आदरणीय पंकज प्रियम जी ने सभी को अवगत कराया कि समय कभी भी रुकता नहीं है हमें समय के अनुसार ही स्वयं को ढालना पड़ता है वर्तमान समय तकनीक का है हमें अधिक से अधिक तकनीक का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए, कोरोना का चुनौतीपूर्ण समय हम सभी को तकनीक का वरदान दें रहा है इसका सभी को लाभ उठाना चाहिए। कार्यक्रम की संयोजिका साधना मिश्रा विंध्य जी ने अवगत कराया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विचारों के द्वारा सकारात्मकता का विस्तार करना है। साधना मिश्रा विंध्य जी के संचालन में कार्यक्रम सुचारु रुप से प्रारंभ हुआ, सर्वप्रथम लोक गायिका कल्पना सक्सेना जी ने मां शारदे की सुंदर वंदना प्रस्तुत की तत्पश्चात विभिन्न प्रदेशों से ऑनलाइन उपस्थित सदस्यों ने अपने मनोभावों को सुंदर रचनाओं में ढाल कर प्रस्तुत किया कार्यक्रम में भास्कर सिंह मानिक कोंच जी , रजनी शुक्ला जी, नीलम शुक्ला, जी, सुनीता जी, चंद्रकला भागीरथी जी , उषा पांडे जी, साधना मिश्रा “लखनवी” जी सुधा द्विवेदी जी, सीमा त्रिपाठी जी, रीमा ठाकुर जी ,गीता पांडे “अपराजिता” जी भावना भारद्वाज जी ,चंद्रप्रकाश गुप्त “चंद्र ” जी, निर्मला सिंह जी, मनजीत कौर जी , तथा चंदा देवी स्वर्णकार जी ,उपस्थित रहीं सभी की सरस रचनाओं के बाद मंच संचालन कर्ता साधना मिश्रा विंध्य जी ने सभी को शुभ आशीष देने के लिए मंच की वरिष्ठ सदस्या आदरणीया विद्या शुक्ला जी को सादर आमंत्रित किया विद्या शुक्ला जी ने एक मनमोहक गीत के द्वारा सभी को शुभ आशीष प्रदान किए और कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की।

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