नव वर्ष कविता-पूर्णिमा पटेल

*नववर्ष काव्य प्रतियोगिता*

*विधा-कविता*

आओ इस नववर्ष पर
इक नया संकल्प करें
दोस्ती के साथ हम
दया का भी विकल्प रखें।

नव विहान रश्मियां ले
सूर्य उदित हो रहा
उल्लास नव तरंग में
विश्व मुदित हो रहा।

दुखों की वह उदासियाँ
स्वयं विस्मृत हो रहीं
जागृत हो नव चेतना
स्वतः स्फुरित हो रहीं।

अनेकता में एकता का
पुनश्च हम संकल्प करें
बना रहे भाई चारा
मात्र यह विकल्प रखें।

स्वरचित- पूर्णिमा पटेल
अम्बिकापुर
जिला-सरगुजा
छत्तीसगढ़।

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