नशा कलम का पुस्तक का प्रकाशन

पुस्तक समीक्षा

किताब : नशा कलम का (काव्य संग्रह)
लेखिका: सुशी सक्सेना
प्रकाशन: यूनिक फील पब्लिकेशन
मूल्य: रु.150

यहां टच कर पढ़िए मेहनत करने वालों के आगे दौलत भी शीश झुकाती हैं

यूनिक फील पब्लिकेशन द्वारा पुस्तक ” नशा कलम का ” प्रकाशन किया गया। यह पुस्तक इंदौर की कवियत्री सुशी सक्सेना द्वारा लिखी गई है। जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ था। फिलहाल वह इंदौर में रह रही हैं। वह जो भी लिखती हैं, वो सोच समझ कर नहीं लिखती बल्कि खुद बा खुद लिख जाता है। उनके दिल और दिमाग में हर वक्त जो अहसास चलते रहते हैं। बस वह तो सिर्फ उन्हें पन्नों पर उतार देती हैं।
पुस्तक की संक्षिप्त जानकारी यह है कि, यूं तो लिखने में तो बहुत कुछ लिखा जाता है। लेकिन जो शब्द दिल को छू लें वह हमें सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं। इस किताब में भी ऐसी ही प्रेरणा दायक कविताएं हैं जो सबके दिल को छू लेती हैं। और पाठकों को पढ़ने के लिए प्रेरित करती है। सुशी सक्सेना द्वारा लिखित पुस्तक ” नशा कलम का ” में उनके अपने अहसास और जज्बात है जो कलम के जरिए अपने दिल को सुकून देने के लिए लिखती हैं। काव्य रुप में उनके अहसास वाली कविताएं अलग अलग रंग लिए हुए हैं। कुछ जिंदगी की वास्तविक झांकी दिखाती हैं तो कुछ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। कुछ आपके दिल को छूकर आपके दिल में जगह बना लेती है। इस पुस्तक की यह कविता,
” मेरी कलम
लबों पर आने से हिचकिचाते हैं जो,
वो अल्फ़ाज़ बयां करती है।
साहिब,मेरी कलम, मेरे दिल के,
हर जज्बात बयां करती है। ”
इस बात की पुष्टि करती है। इसका संपादन कार्य भी पब्लिकेशन टीम द्वारा किया गया। जिसका संचालन धर्मेंद्र कुमार मूल निवासी झांसी उत्तर प्रदेश के सानिध्य और सहयोग से सम्पन्न हुआ है। जो कि
साहित्य पर चर्चा नाम का एक प्रोग्राम चलाते हैं, जिसमें ख़ास तौर पर हिंदी के प्रचार प्रसार में कार्य कर रहे हैं।

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