नूतन वर्ष मे मेरी चाहा-राधा शर्मा

🌸🌸 नूतन वर्ष मे मेरी चाहा🌸

नव वर्ष मे मेरी चाहा रहे
संसार में खुशियां बनी रहे
फैली जो रोगों की आंधी
नव वर्ष वो आंधी मिट जाए
गम आए पथ में जिसके भी
खुशियों की रहा बिछा जाएं
नव वर्ष ये मेरी चाहा रहे ।

धरती पर जितना पाप हुआ
मन में जिसके भी तिमिर बड़ा
नारी अपमानित कर जो रहे
उस मन में उजाला लाना
नव वर्ष ये मेरी चाहा रहे
नारी सम्मान दिलाना

गत वर्ष बुरा जो बीत गया
उसे रो कर याद दिलाना ना
खुशियां फैली हों हर घर में
नव वर्ष ये मेरी चाहा रहे
रोते को हंसना सीखा जाना

महगाई ऐसी बढ़ जा रही
गरीब ना कर पाए भर पाई
राहत की सांस दिलाना
नव वर्ष ये मेरी चाहा रहे
महंगाई दूर भगाना।

बेटी पैदा ना हो घर में
उसे कोख मैं ही गिर वातें हैं
बेटी तो जीवन की खुशियां
संदेश ये जग में लाते हैं
नव वर्ष ये मेरी चाहा रहे
बेटी आंगन में लाते हैं

मिलजुल कर हम सब सदा रहे
झगड़ा कर हम कभी ना हो जुदा
यही प्रेम का राग सुनाना है
नव वर्ष ये मेरी चाह रहे
आपस में प्रेम बढ़ाना है
🌸🌸🌸🌸🌸

राधा शर्मा
इंदौर

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