नव वर्ष-सनुक लाल यादव

नव वर्ष उत्सव

💐नव वर्ष 💐

आओ आज नव साल मनाएं,
जीवन को खुशहाल बनाएं।।
नव किरण का अवगाहन कर,
सुरज से हम आँख मिलाएं।।

चू -चू करती चिड़िया रोज,
स्वर्णिम किरणें लाली में।
सतरंगी पंख फैलाए तितली,
कोमल कुसुम की रखवाली में।
कोयल कुक रहीं हैं बागों में,
मधुरता का नित प्रचार करें।
प्रकृति के कण-कण में,
भाईचारा का संचार करें।
नव वर्ष से नव प्रेरणा ले,
नव सुर का संधान करें।
गिरे-थके और उपेक्षित को,
आओ आज गले लगाएं।
नव किरण का अवगाहन कर,
सुरज से हम आँख मिलाएं।।
आओ आज नव साल मनाएं,
जीवन को खुशहाल बनाएं।।१।।

सूनी धरती के आंगन में ,
हरियाली का विस्तार करें।
प्रकृति के संतुलन पर ,
आज थोड़ा विचार करें।।
करुणक्रंन्दन प्राणियों की,
विश्व के लिए चुनौती है।
कोरोना वैश्विक महामारी,
इसकी विकृत कोटि है।।
आओ रोपण करे वृक्ष का,
यही जीवन रोजी रोटी है।
जल जंगल और जमीन,
नितान्त जीवन-ज्योति है।।
प्रकृति के पावन सानिध्य में,
आओ मिलकर मुस्कुराएं।।
नव किरण का अवगाहन कर,
सुरज से हम आँख मिलाएं।।
आओ आज नव साल मनाएं,
जीवन को खुशहाल बनाएं।।२।।

नव किरण का अवगाहन कर,
सुरज से हम आँख मिलाएं।।
आओ आज नव साल मनाएं,
जीवन को खुशहाल बनाएं।।
✍️सनुक लाल यादव

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