मातृका विवेक साहित्य मंच मे स्वामी विवेकानंद जी को साहित्यकारों की भावविभोर कविताओं द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित

रिपोर्ट- वीना आडवानी तन्वी

जब तक लक्ष्य ना प्राप्त कर लो ना थको ना रुको – स्वामी विवेकानंद

दिल्ली की साहित्यिक संस्था मातृका विवेक साहित्यक मंच के अंतर्गत, संस्था की संस्थापिका आरती तिवारी सनत और उपसंस्थापिका प्रिती हर्ष के माध्यम से शिकागो धर्म सम्मेलन की 128 वर्षगांठ पर स्वामी विवेकानंद नजी को याद करते हुए काव्य गोष्ठी का आयोजन कराया गया जिसमें भारत देश के ही नहीं अपितु विदेशों मे रहने वाले वरिष्ठ और युवा साहित्यकारों ने बढ़-चढ़ के हिस्सा लिया। सभी ने स्वामी विवेकानंद जी के बेहतरीन रवैय्ये की व्याख्या अपने लेखनी के माध्यम से की। साहित्यकारों ने अपनी काव्य शैली के विभिन्न रुपों के माध्यम से यह बताया की किस तरह स्वामी विवेकानंद जी ने अमेरिका मे अपने उद्बोधन के माध्यम से सर्वप्रथम सभा मे उपस्थित लोगों को मेरे प्रिय भाईयों और बहनों बोलकर सभी को मंत्रमुग्ध कर तालियों की गड़गड़ाहट से ही समां बांध दिया था। यह भी उल्लेख मिला की लक्ष्य निर्धारित कर चले और लक्ष्य की राह पर अड़िंग रहने वाला ही व्यक्ति सफलता के ताले की कुंजी को पा सकता है। स्वामी जी के आदर्शों, सिखाऐ गये ज्ञान भरे पाठों को सबके समक्ष रख साहित्यकारों ने बहुत ही सुंदर चित्रण कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत मे संस्थापिका आरती तिवारी सनत और प्रिती हर्ष ने सभी की समीक्षा करते हुए सभी को स्वामी विवेकानंद जी के द्वारा बताए गये प्रेरणा भरे राह पे चलने का संदेश दिया। साथ ही साहित्यक क्षेत्र मे सभी साहित्यकारों के लिए परचंम लहराने की कामना करते हुए सभी का धन्यवाद कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की।एक से एक रचनाओं को पढ़ने यहाँ टच करें

Share

Leave a Comment