बरसाती मेंढक

*बरसाती मेंढक* ************************* कहां छुपे रहते हैं साल भर, ढुंढने पर भी नहीं मिलेंगे। ये बरसाती मेंढक बरसात में, ना जाने कहां से खिलेंगे। टर्र टर्र की आवाज सुनाकर, संगीत में बातें करते हैं। ऐ बरखा तुम जोर से बरसो, हम तुम्हारा स्वागत करते हैं। उछल कूद कर शोर मचाएं, इधर उधर भागते जाए। डर … Read more