स्वागत नव वर्ष-विभा वर्मा वाची

स्वागत नव वर्ष

नया सबेरा,नई उमंगे,,आया नया साल,
ख़ुशियों की इक चाहत, लाया नया साल।
नया जोश ,नया उल्लास ख़ुशियाँ
फैले,करे उजास।
ए ,नव वर्ष के प्रथम प्रभात,दे सबको अच्छी सौग़ात।

आया नव वर्ष,ले कर आए नए तराने।
नई उमंगे ले कर आई,नई कहानी।
नए -साल की जगी है ,नई किरणें ।
स्वागत! नवल वर्ष, करते अभिनंदन।

बहुत तरसाया था, यह बिता साल ,
अब करें महा जागरण के नव युग।
जाग्रत जीवन आए अभिमान लिए,
नव वर्ष का विहान,शुभकामनाएँ लिए।

प्रातः ओस सुबह की, फिर चमकी,
चारों ओर बिखरी छटा निराली।
खिलेंगे फूल फिर सतरंगी,सरिता बहेगी शीतल, निर्मल। प्रकृति को है खूब संवारा,अभिनंदन है नूतन वर्ष तुम्हारा।

स्वच्छता अभियान को सभी समझें,
योग प्राणायाम कर निरोग हो जाएँ।
कोरोना,महामारी से सबको बचाएँ।
संकल्प यही, नूतन वर्ष खिल जाएँ।

कठिन ज़िंदगी को सरल बनाएँ,
टिका कारण से, सब को बचाएँ।
जो चलता है वक़्त देख कर,
आगे चल ,सफल वही हो जाएँ।

जीवन में नूतन क्रांति,हम सब साथ लिए
नया साल का स्वागत करें,लाखों अरमान लिए।
स्वागत ! जीवन के नवल वर्ष,आओ स्वर्ण विहान लिए।
सभी को नव वर्ष मुबारक हो, आया शुभकामना लिए।
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विभा वर्मा वाची
राँची झारखंड।

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