मैं रहा पीछे मगर आगे ज़माना रह गया

*🌷⚘🥀🌹ग़ज़ल🌹🥀⚘🌷* बोझ हिस्से में मिरे सर पर उठाना रह गया मैं रहा पीछे मगर आगे ज़माना रह गया थे बुलंदी पर सितारे तो ज़माना साथ था मुफलिसी आई तो बस नजरें चुराना रह गया अब बुजुर्गों की दुआएँ कौन लेता है यहाँ सब गए शादी में घर बूढ़ा पुराना रह गया दिल में उसके आरज़ू … Read more

ऐ जिंदगी तुझको सुशी सक्सेना की रचना

ऐ जिंदगी तुझको (Kawita/shayari) ए जिंदगी तुझको, मनाने हम कहां जाएं। तेरे चेहरे की खुशी वापिस लाने हम कहां जाएं। कहीं कट न जाए ये रात, तेरी जिद के आगे, सुबह फिर, चांद को बुलाने हम कहां जाएं। साज है न सुर, दिल में तड़पते अल्फ़ाज़ हैं, जज्बात अपने दिल के सुनाने हम कहां जाएं। … Read more

लोक धुन–करमा गीत

Lakhan

जंगल बचाओ (लोक धुन–करमा गीत) टेक- झिन काटो रे,हाय जंगल झिन काटो यार । धरती का सिंगार,जंगल झिन काटो रे । —– बिन जंगल बादल नहीं रुकते, बरसत् नैंया पानी । बिन पानी हरियाली न आये, सूनी रहे किसानी ।। जंगल झिन काटो यार । धरती का सिंगार,जंगल……. बिना किसानी कैसे जीहैं, बिन भोजन के … Read more

रानी आवन्ति बाई लोधी- लखन कछवाहा

Lakhan

भारत आजादी की जंग-1857 वीरांगना रानी आवन्ति बाई लोधी का योगदान * वतर्ज–आल्हा छंद* सुमर शारदा श्री नारायण, निरंकार का ध्यान लगाय । मात-पिता गुरु सुमिरन करके, सरस्वति चरनन् सिर नाय ।। भारत आजादी की गाथा, आल्हा छंद में रहा सुनाय । अठ्ठारह सौ सनतावन की भारत दुर्दशा सुन लो भाय ।। व्यापारी बन आये … Read more

शिक्षण गुर

वर्ण प्रेरक काव्य पंक्तियां /शिक्षण गुर वर्णों को लिखना-पढ़ना, सिखाना है साथियो । वर्णों की मूल ध्वनियां, सिखाना है साथियो ।।1 दो वर्ण वाले शब्दों को , पहले सिखायेंगे । जो नाम बने वस्तु, दिखाना है साथियो ।।2 बिन मात्रा के शब्दों को, पहले सिखायेंगे । मात्राओं वाले शब्द, सिखाना है साथियो ।।3 शब्दों को … Read more

कविता दुनिया के मालिक

हे! दुनिया के मालिक! हे! दुनिया के मालिक मेरी अम्न-ओ-अमान से झोली भर दे। फिजा न माँगे भीख कहीं, खुशबू से उसको भर दे। नदियों खून बहाया हमने, तब जाकर मिली आजादी, चमन का खून करे न कोई, रोक नफरत की आँधी। टूटे न कोई तार प्यार का, डगर मेरी आसान तू कर दे, हे! … Read more

Article how to develop good habits

Article how to develop good habits When a task is repeated over and over again without any instruction, then it is called habit. Like many people sitting when they see someone standing, then they stand up themselves. Even many people give their seat to a woman just by seeing the train standing. Many people have … Read more

बरसाती मेंढक

*बरसाती मेंढक* ************************* कहां छुपे रहते हैं साल भर, ढुंढने पर भी नहीं मिलेंगे। ये बरसाती मेंढक बरसात में, ना जाने कहां से खिलेंगे। टर्र टर्र की आवाज सुनाकर, संगीत में बातें करते हैं। ऐ बरखा तुम जोर से बरसो, हम तुम्हारा स्वागत करते हैं। उछल कूद कर शोर मचाएं, इधर उधर भागते जाए। डर … Read more